चंद लम्हे तेरा बेसब्री से इंतज़ार किया
वो इंतज़ार अच्छा
था तेरे आने पर सुन कर तेरी दास्ताँ
हम रोये इतना गर तू न आता
तेरे इंतज़ार में जीतेतो इंतज़ार अच्छा
था किस्से तेरी बेवफाई के न सुनते
तो इंतज़ार अच्छा था
तकते थे तेरी राहों को पलके बिछाए
हम तू चला आता तो इंतज़ार अच्छा था
पर तेरा इंतज़ार तेरे आने से अच्छा
था तू ना आता तो तेरा इंतज़ार अच्छा था
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